पेट्रोल-डीजल अब पहले से भी ज्यादा सस्ता मिलेगा… Crude Oil गिरा… भारत को मिला डबल फायदा…. जी हाँ, जिस पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का डर पिछले कुछ दिनों से लोगों को सता रहा था, वो खतरा फिलहाल टलता हुआ नजर आ रहा है। सिर्फ इतना ही खत्म दुनिया की बड़ी इन्वेस्टमेंट बैंक Goldman Sachs ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान भी बढ़ा दिया है। यानी एक तरफ महंगाई कम होने की उम्मीद बढ़ गई है और दूसरी तरफ देश की अर्थव्यवस्था को लेकर दुनिया का भरोसा भी मजबूत हुआ है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इसका फायदा आपकी जेब तक पहुंचेगा या फिर ये सिर्फ रिपोर्टों तक ही सीमित रह जाएगा?
दोस्तों, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में अच्छी गिरावट देखने को मिली है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है, इसलिए जब दुनिया में तेल महंगा होता है तो भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाने का दबाव बन जाता है। लेकिन इस बार हालात बदल गए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से तेल की सप्लाई को लेकर बाजार की चिंता भी कम हुई और इसका सीधा असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ा। जैसे-जैसे कच्चा तेल सस्ता हुआ, वैसे-वैसे भारत में भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने का दबाव कम हो गया।
अब बात करते हैं उस खबर की जिसने अर्थशास्त्रियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। Goldman Sachs ने भारत की साल 2026 की GDP ग्रोथ का अनुमान 6.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.8 प्रतिशत कर दिया है। इतना ही नहीं, वित्त वर्ष 2027 के लिए भी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका मतलब साफ है कि दुनिया की बड़ी वित्तीय संस्थाओं को अब भारत की अर्थव्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत दिखाई दे रही है। लेकिन आप सोच रहे होंगे कि इससे आम आदमी को क्या फायदा होगा?
दोस्तों, फायदा बहुत बड़ा हो सकता है। जब कच्चा तेल सस्ता होता है तो सिर्फ पेट्रोल और डीजल ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट का खर्च भी कम होने लगता है। जब माल ढुलाई सस्ती होती है तो सब्जियां, फल, दूध, राशन, रोजमर्रा का सामान और कई दूसरी चीजों की लागत भी कम हो सकती है। यानी महंगाई पर भी लगाम लगने की उम्मीद बढ़ जाती है। यही वजह है कि Goldman Sachs ने भारत के महंगाई यानी Inflation के अनुमान को भी घटाया है और Current Account Deficit का अनुमान भी पहले से कम किया है।
अब सबसे बड़ा सवाल ये है की क्या पेट्रोल और डीजल सस्ता होने वाला है? इसका जवाब फिलहाल ‘अभी नहीं’ है। क्योंकि तेल कंपनियों की तरफ से कीमतों में कटौती का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक इसी तरह नीचे बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में आम लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी राहत मिल सकती है। यानी उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन अंतिम फैसला अभी बाकी है। कुल मिलाकर इस समय चार बड़ी राहत की खबरें हैं—पहली, पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का दबाव कम हुआ है। दूसरी, महंगाई कम होने की उम्मीद बढ़ी है। तीसरी, सरकार का तेल आयात बिल कम हो सकता है। और चौथी, भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ गया है।
अब देखना होगा कि इस राहत का फायदा आखिर आम जनता तक कब पहुंचता है। आपकी क्या राय है अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता हो चुका है, तो क्या भारत में भी पेट्रोल और डीजल के दाम तुरंत कम कर दिए जाने चाहिए? कमेंट करके जरूर बताइए।



