समोसा-कचोरी बेचने वालों सावधान! FSSAI का नया नियम, 1 गलती पड़ सकती है भारी
समोसा-कचोरी बेचने वालों सावधान हो जाओ… क्योंकि अब आपकी एक छोटी सी गलती सीधे आपको जेल पहुंचा सकती है… जी हाँ, जिस अखबार में आप समोसा लपेट कर दे रहे हैं वही आपकी दुकान पर ताला लगवा सकता है, FSSAI ने ऐसे सख्त निर्देश जारी किये है, जिन्हें नजरअंदाज करना अब बहुत महंगा पड़ सकता है। आखिर क्या है पूरा मामला? अखबार में समोसा देना कैसे बन गया कानूनी खतरा? और आखिर क्यों सरकार ने अचानक शुरू की सख्ती?
FSSAI ने जारी कर दिए हैं ऐसे सख्त निर्देश, जिन्हें नजरअंदाज करना अब बहुत महंगा पड़ सकता है। आखिर क्या है पूरा मामला? अखबार में समोसा देना कैसे बन गया कानूनी खतरा? और आखिर क्यों सरकार ने अचानक शुरू की सख्ती?
दोस्तों, सड़क किनारे मिलने वाले समोसे, पकौड़े, कचौड़ी और वड़ा पाव का स्वाद हर किसी को पसंद है। लेकिन अगर ये स्वाद अखबार में लपेटकर दिया जाए… तो यही स्वाद आपकी सेहत के लिए जहर भी बन सकता है।
और अब इस पर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने बड़ा एक्शन लेने की तैयारी कर ली है। क्योकि अब गर्म समोसा अखबार में देना सिर्फ पुरानी परंपरा नहीं… बल्कि कानून तोड़ने की श्रेणी में भी आ सकता है!
हाल ही में मुंबई में एक फूड वेंडर ग्राहकों को वड़ा पाव अखबार में पैक करके बेच रहा था। मामला सामने आते ही जांच हुई और खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर सख्त निर्देश जारी कर दिए गए। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है की आखिर अखबार में खाना देना खतरनाक क्यों है?
दरअसल… जिस अखबार को हम सामान्य कागज समझते हैं, उसमें इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग इंक यानी स्याही में कई तरह के केमिकल मौजूद हो सकते हैं। जब गर्म और तेल वाला समोसा या पकौड़ा उस अखबार के संपर्क में आता है, तो ये रसायन खाने तक पहुंच सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक ऐसे भोजन का सेवन शरीर पर बुरा असर डाल सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए यह और भी खतरनाक साबित हो सकता है।
इतना ही नहीं, अखबार प्रिंटिंग प्रेस, गोदाम, ट्रांसपोर्ट और कई लोगों के हाथों से गुजरता है, जिससे उस पर धूल, मिट्टी और बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं और उसके बाद उसी कागज में आपका खाना पैक कर दिया जाता हैजिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ लंबे समय से अखबार में भोजन परोसने से बचने की सलाह देते रहे हैं।
यह नियम केवल बड़े होटल और रेस्टोरेंट पर ही नहीं, बल्कि छोटे ठेले वालों, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं, फास्ट फूड आउटलेट, फूड डिलीवरी किचन, कैटरिंग सर्विस और खाद्य पदार्थ बेचने वाले हर कारोबारी पर लागू होता है। यदि कोई दुकानदार खाने को अखबार में पैक करता है, ढकता है या तेल सोखने के लिए अखबार का उपयोग करता है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है। वहीं ग्राहकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है और यदि कोई दुकान आज भी अखबार में समोसा या पकौड़ा दे रही है, तो उन्हें सुरक्षित पैकेजिंग की मांग करनी चाहिए, क्योंकि स्वाद के साथ सेहत की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
तो दोस्तों, अगर आप फूड बिजनेस से जुड़े हैं तो इन नियमों का पालन जरूर करें, क्योंकि अब लापरवाही आपकी जेब और आपकी आजादी… दोनों पर भारी पड़ सकती है। और अगर आप ग्राहक हैं, तो अगली बार समोसा या पकौड़ा खरीदते समय सिर्फ स्वाद नहीं… उसकी पैकेजिंग पर भी जरूर ध्यान दें। क्या आपके शहर में आज भी अखबार में समोसा या पकौड़ा दिया जाता है? कमेंट करके जरूर बताइए।
