पंचायत चुनाव से पहले लाखों वोटरों पर चला प्रशासन का डंडा… क्या आपकी पंचायत की वोटर लिस्ट में भी गड़बड़ी है? क्या किसी मृत व्यक्ति का नाम अब भी वोटर लिस्ट में मौजूद है? या शादी के बाद दूसरे गांव में रहने वाली महिलाओं के नाम अभी भी पुराने गांव की वोटर लिस्ट में मौजूद हैं? अगर हां… तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है… आज हम आपको बताएंगे कि किन लोगों के नाम हटेंगे, किनके जुड़ेंगे और अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो आपको क्या करना होगा।
दोस्तों, उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो चुकी हैं, 10 जून को पंचायत मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया था। इसके बाद बड़ी संख्या में शिकायतें सामने आईं कि कई लोगों के नाम दो-दो बार दर्ज हैं, मृतक मतदाताओं के नाम अब भी सूची में बने हुए हैं, विवाह के बाद दूसरे गांव में रहने वाली महिलाओं के नाम अब भी पुराने गांव की वोटर लिस्ट में मौजूद हैं और कई अन्य ग्राम पंचायतों के मतदाताओं के नाम भी गलत तरीके से सूची में शामिल हो गए हैं। वोटर लिस्ट में सामने आई इन गड़बड़ियों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी और इन गड़बड़ियों व शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को सख्त निर्देश जारी करते हुए साफ कहा है कि… “हर शिकायत का गंभीरता से निस्तारण किया जाए… त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार की जाए… और किसी भी स्तर पर लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।”
अब सबसे बड़ा सवाल ये है की अगर आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है… तो क्या करें? तो दोस्तों, प्रशासन के मुताबिक, नए नाम जोड़ने के लिए निर्धारित आवेदन पत्र के साथ दावा प्रपत्र-2 और विधानसभा मतदाता सूची से संबंधित जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। वहीं अगर किसी मृत व्यक्ति, दोहरे नाम, दूसरी ग्राम पंचायत के मतदाता या विवाह के बाद स्थानांतरित महिला का नाम हटवाना है, तो प्रपत्र-4 के जरिए आवेदन करना होगा। लेकिन ध्यान रहे… प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि बिना सुनवाई के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। यानी हर मामले की जांच होगी और उसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
अब सुनिए सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा… इस बीच राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची से जुड़े बड़े आंकड़े भी जारी किए हैं। आयोग के अनुसार इस बार उत्तर प्रदेश में कुल 12 करोड़ 58 लाख मतदाता पंचायत चुनाव में मतदान के पात्र होंगे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुनरीक्षण के दौरान लगभग 2 करोड़ 3 लाख नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं, जबकि 2 करोड़ 32 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। इस तरह कुल मिलाकर करीब 29 लाख नए मतदाताओं की बढ़ोतरी हुई है। जौनपुर जिला 36.97 लाख मतदाताओं के साथ सबसे ऊपर है, जबकि गौतमबुद्धनगर में सबसे कम 2.09 लाख मतदाता दर्ज किए गए हैं। इतना ही नहीं… इस बार पहली बार सभी मतदाताओं को स्टेट वोटर नंबर (SVN) जारी किया गया है और चुनाव में फर्जी मतदान रोकने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
अब सवाल आपसे है…. क्या आपके गांव की वोटर लिस्ट पूरी तरह सही है? क्या आपने अपना नाम चेक किया? अगर नहीं किया, तो आज ही जांच कर लीजिए, क्योंकि चुनाव के समय छोटी-सी गलती भी आपको मतदान के अधिकार से वंचित कर सकती है। कमेंट करके बताइए… क्या आपके गांव में भी वोटर लिस्ट को लेकर कोई गड़बड़ी सामने आई है?



