सड़क सुरक्षा से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार ने 1 जनवरी से सभी दोपहिया वाहनों में ABS यानी एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम को अनिवार्य करने का फैसला लिया था। इस नियम का मकसद सड़क हादसों को कम करना और बाइक व स्कूटर चालकों की सुरक्षा को मजबूत करना है। ABS सिस्टम अचानक ब्रेक लगाने पर पहियों को लॉक होने से रोकता है, जिससे वाहन फिसलने का खतरा कम हो जाता है।
अब तक ABS केवल 125cc से ज्यादा इंजन वाली बाइकों में अनिवार्य था, लेकिन नए नियम के तहत यह सभी इंजन क्षमता वाले दोपहिया वाहनों पर लागू होना था। सरकार का मानना है कि छोटे इंजन वाली बाइकों और स्कूटरों में भी ABS से दुर्घटनाओं में भारी कमी लाई जा सकती है, खासकर शहरों में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए।
हालांकि, इस नियम को लेकर अब एक नई खबर सामने आ रही है। दोपहिया वाहन निर्माता कंपनियों ने सरकार से समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। कंपनियों का कहना है कि इतने कम समय में सभी मॉडलों में ABS सिस्टम लगाना तकनीकी और आपूर्ति के लिहाज से मुश्किल है। इसके अलावा ABS अनिवार्य होने से दोपहिया वाहनों की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है, जिसका सीधा असर आम ग्राहकों पर पड़ेगा।
सरकार के प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि नई बाइक या स्कूटर खरीदने पर डीलर को दो BIS-सर्टिफाइड हेलमेट देना अनिवार्य किया जाए, ताकि राइडर और पीछे बैठने वाले दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यह कदम सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली गंभीर चोटों को कम करने के उद्देश्य से लिया जा रहा है।
फिलहाल सरकार और वाहन निर्माता कंपनियों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है। माना जा रहा है कि नियम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है या इसकी तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है। अब देखना यह होगा कि 1 जनवरी से यह नियम पूरी तरह लागू होता है या इसमें बदलाव किया जाता है।



