भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित संघर्ष को लेकर चीन ने एक बड़ा दावा किया है कि उसने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोकने में मदद की। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए चीन ने सक्रिय कदम उठाए। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए चीन ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पिछले साल मई में भारत ने पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच कुछ समय के लिए तनाव बढ़ गया था। चीन का यह दावा एक तरह से इस तनाव को शांत करने की कोशिश के रूप में पेश किया गया है।
हालांकि, भारत सरकार ने इसे पूरी तरह खारिज किया है। भारत ने साफ कहा कि किसी भी तरह की तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह दावा चीन की राजनीतिक रणनीति हो सकती है, ताकि उसे क्षेत्र में शांतिदूत के रूप में दिखाया जा सके।
विश्लेषकों का यह भी कहना है कि पाकिस्तान पर हमेशा से चीन का सैन्य और हथियारों के माध्यम से प्रभाव रहा है। ऐसे में यह दावे केवल कूटनीतिक चाल हो सकते हैं। भारत की प्रतिक्रिया रही कि युद्ध को नियंत्रित करना भारतीय और पाकिस्तानी रणनीति का हिस्सा था, न कि किसी तीसरे देश का।
अंततः, यह बयान दक्षिण एशियाई भू-राजनीति और वैश्विक शक्ति संतुलन में चीन की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। क्षेत्रीय सुरक्षा, हथियार आपूर्ति और कूटनीतिक प्रभाव को लेकर बहस अभी जारी है। ये थी आज की बड़ी खबर। बने रहें हमारे साथ और जानते रहें ताज़ा अपडेट्स।



