जंतर-मंतर सीजन 2 का ऐलान… दिल्ली में एकबार फिर होगा बड़ा आंदोलन, जी हाँ.. CJP ने फिर से जंतर-मंतर पर आन्दोलन करने की तैयारी शुरू कर दी है…. लेकिन यह आंदोलन झारखण्ड, पंजाब, कर्नाटका में प्रोटेस्ट कर रहे स्टूडेंट्स के लिए नहीं है बल्कि CJP को मीटिंग के लिए हॉल ना मिलने के लिए है… आपने बिल्कुल सही सुना है कॉकरोच जनता पार्टी को मीटिंग के लिए एक हॉल ना मिलने पर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर सीजन 2 शुरू करने की घोषणा क्र दी है.
अभिजीत दीपके ने कहा की हम एक नहीं, 2 नही बल्कि पूरी 10 जगह गए लेकिन हमे मीटिंग के लिए एक हॉल तक रेंट पर नहीं मिला, लेकिन हर जगह एक ही जवाब मिला—ऊपर से दबाव है! लेकिन सवाल ये है… दबाव किसका था? किसने हॉल मालिकों को कथित तौर पर धमकाया? और क्या इसी वजह से अब शुरू होने जा रहा है… “जंतर-मंतर सीजन 2? कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बुधवार को ऐसा ऐलान किया है, जिसके बाद दिल्ली की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दीपके ने कहा है— “जंतर-मंतर का सीजन 2 बहुत जल्द शुरू होने जा रहा है।” जी हां… वही जंतर-मंतर… जहां NEET पेपर लीक के मुद्दे पर CJP ने 37 दिनों तक धरना दिया था। लेकिन इस बार मामला सिर्फ आंदोलन का नहीं है। इस बार सीधे BJP पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। अब पूरा मामला समझिए।
12 अगस्त को दिल्ली में CJP के वॉलंटियर्स की एक इंडोर मीटिंग होनी थी। मीटिंग के लिए हॉल चाहिए था। टीम हॉल तलाशने निकली। एक जगह नहीं… दो जगह नहीं… दीपके के मुताबिक, 10 से ज्यादा जगहों पर संपर्क किया गया। लेकिन हर जगह से कथित तौर पर एक ही जवाब आया— ऊपर से प्रेशर है… CJP को हॉल नहीं दे सकते। अब यहां कहानी में ट्विस्ट आता है। दीपके का दावा है कि बड़ी मुश्किल से एक हॉल मिला। रसीद भी थी। मीटिंग की तैयारी भी थी। लेकिन फिर… सुबह-सुबह हॉल मालिकों को कथित तौर पर धमकी मिलने का दावा किया गया। और धमकी भी ऐसी… कि अगर CJP की मीटिंग होने दी गई तो… “उल्टा लटका दिया जाएगा।”
दोस्तों, ये दावा अभिजीत दीपके ने लगाया है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में नहीं हुई है। और BJP की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। लेकिन अब सवाल सिर्फ ये नहीं है कि हॉल मिला या नहीं मिला। बल्कि ये है ये है की की अगर आरोप सही हैं, तो आखिर किसके दबाव में हॉल मालिक पीछे हटे? दीपके ने इसका जवाब भी खुद दिया। उन्होंने सीधे BJP पर आरोप लगाया। कहा कि लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है। CJP को मीटिंग करने से रोकने की कोशिश की जा रही है। और अगर किसी को लगता है कि इससे CJP डर जाएगी… तो वो गलतफहमी में है। यानी… मैसेज साफ है—CJP पीछे हटने वाली नहीं है। और इसी के साथ आया सबसे बड़ा ऐलान। दीपके ने कहा कि Instagram पर लगातार लोग कमेंट कर रहे थे— “जंतर-मंतर सीजन 2 कब शुरू होगा?” और अब जवाब मिल गया है। बहुत जल्द। लेकिन… सीजन 2 में होगा क्या? कितना बड़ा होगा? कहां होगा? क्या इस बार फिर जंतर-मंतर पर हजारों लोगों की भीड़ जुटाने की कोशिश होगी? इसका जवाब अभी सामने नहीं आया है। लेकिन CJP की अगली रणनीति के संकेत जरूर मिल रहे हैं।
CJP के चीफ स्पोक्सपर्सन सौरव दास ने कहा है कि पार्टी देशभर में “लिसनिंग टूर” शुरू करने जा रही है। मतलब… देश के अलग-अलग हिस्सों में जाएंगे। लोगों की बात सुनेंगे। उनकी समस्याएं समझेंगे। और स्वतंत्रता दिवस के बाद शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए कैंपेन चलाने की बात कही गई है। अब जरा इस कहानी की शुरुआत भी समझ लीजिए।
15 मई को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद विवाद शुरू हुआ। इसके अगले ही दिन… 16 मई की रात 12 बजे… अभिजीत दीपके ने “कॉकरोच जनता पार्टी” नाम से सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट बनाने का दावा किया। फिर X पर गूगल फॉर्म जारी किया गया। लोगों से जुड़ने की अपील की गई। 17 से 20 मई के बीच फॉलोअर्स बढ़ने का दावा किया गया। फिर 21 मई को अकाउंट बंद हुआ। लेकिन… कहानी खत्म नहीं हुई। उसी दिन दूसरा अकाउंट सामने आया— “कॉकरोच इज बैक।” 22 मई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई। 24 मई को ऑनलाइन पिटीशन शुरू हुई।
CJP के मुताबिक, करीब 10 लाख लोगों ने इसमें रजिस्ट्रेशन किया। और फिर… जंतर-मंतर। 37 दिन का धरना। NEET पेपर लीक का मुद्दा। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और मांगें मानने की मांग। 25 जुलाई को प्रदर्शन खत्म हुआ। लेकिन अब… 12 अगस्त को… एक बार फिर बड़ा ऐलान। जंतर-मंतर सीजन 2। तो क्या ये सिर्फ एक राजनीतिक बयान है? या फिर दिल्ली में एक नए आंदोलन की जमीन तैयार हो रही है? क्या CJP का अगला कदम सिर्फ दिल्ली तक सीमित रहेगा? या देशभर में “लिसनिंग टूर” के जरिए संगठन अपनी पहुंच बढ़ाएगा? और BJP पर लगाए गए धमकी के आरोपों का जवाब कब आएगा? फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। लेकिन एक बात साफ है— जंतर-मंतर की पहली कहानी खत्म हो चुकी थी… अब अभिजीत दीपके ने खुद… दूसरी कहानी का ट्रेलर जारी कर दिया है। और अगर ये सिर्फ ऐलान नहीं… बल्कि सच में एक नए आंदोलन की शुरुआत है… तो आने वाले दिनों में दिल्ली की सड़कों पर क्या देखने को मिलेगा? इसका जवाब अब वक्त देगा।



