अब से हर सदस्य को मिलेंगे 7-7 किलो अनाज… जी हाँ, राशन अब परिवार के हिसाब से नहीं बल्कि हर सदस्य के हिसाब से मिलेगा?… आखिर सरकार क्यों बदल रही है सालों पुरानी व्यवस्था?…. क्या करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए नियम बदलने वाले हैं? क्या बड़े परिवारों को मिलेगा ज्यादा फायदा… या कुछ लोगों का राशन हो जाएगा कम? और सबसे बड़ा सवाल… क्या 35 किलो राशन पूरी तरह खत्म होने वाला है?
आज की इस बड़ी खबर में हम आपको बताएंगे कि मोदी सरकार आखिर राशन व्यवस्था में ऐसा कौन सा बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसने पूरे देश में चर्चा छेड़ दी है। लेकिन वीडियो के आखिर तक जरूर बने रहिए… क्योंकि अंत में मैं आपको बताऊंगा कि इस बदलाव से आपके परिवार पर क्या असर पड़ सकता है।
दोस्तों… देश के करोड़ों लोगों के लिए राशन सिर्फ सरकारी सुविधा नहीं, बल्कि दो वक्त की रोटी का सहारा है। ऐसे में अगर राशन के नियम बदलने की खबर आए… तो लोगों की चिंता और उत्सुकता दोनों बढ़ जाती हैं। दरअसल… केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 में बदलाव का एक नया ड्राफ्ट बिल जारी किया है। और इस ड्राफ्ट का सबसे बड़ा फोकस है… अंत्योदय अन्न योजना यानी AAY।
सरकार का कहना है कि मौजूदा सिस्टम में कुछ परिवारों को जरूरत से ज्यादा फायदा मिल जाता है… जबकि कुछ बड़े परिवारों को उतना अनाज भी नहीं मिल पाता, जितना मिलना चाहिए। लेकिन आखिर ऐसा क्यों? जरा इसे आसान भाषा में समझिए… अभी नियम क्या है? अगर आपका परिवार अंत्योदय अन्न योजना में शामिल है… तो चाहे परिवार में 2 सदस्य हों… या 6 सदस्य… दोनों को हर महीने 35 किलो अनाज ही मिलता है। और यहीं से शुरू होती है सबसे बड़ी समस्या।
सोचिए… दो लोगों के परिवार में… एक व्यक्ति के हिस्से में लगभग 17.5 किलो अनाज आता है। लेकिन अगर परिवार में 6 सदस्य हैं… तो हर व्यक्ति के हिस्से में सिर्फ करीब 5.8 किलो ही पहुंचता है। यानी… परिवार जितना बड़ा… प्रति व्यक्ति अनाज उतना कम। और सरकार इसी असमानता को खत्म करना चाहती है।
अब बात करते हैं… सरकार आखिर क्या बदलना चाहती है?, दोस्तों ड्राफ्ट बिल के मुताबिक… अब हर परिवार नहीं… बल्कि हर सदस्य के हिसाब से 7 किलो अनाज देने का प्रस्ताव रखा गया है। यानि… अगर परिवार में 3 सदस्य हैं… तो 21 किलो। अगर 4 सदस्य हैं… तो 28 किलो। अगर 5 सदस्य हैं… तो पूरे 35 किलो। लेकिन… यहीं पर आता है सबसे बड़ा ट्विस्ट… जिसे बहुत से लोग अभी भी नहीं समझ पाए हैं।
सरकार ने साफ किया है कि… एक परिवार को मिलने वाले राशन की अधिकतम सीमा अभी भी 35 किलो प्रति माह ही रहेगी। यानि… अगर परिवार में 6, 7 या 8 सदस्य भी हैं… तो भी 35 किलो से ज्यादा अनाज नहीं मिलेगा। मतलब… व्यक्ति आधारित गणना जरूर होगी… लेकिन अधिकतम सीमा वही रहेगी। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर जो दावे किए जा रहे हैं… कि अब हर सदस्य को बिना किसी सीमा के 7 किलो मिलेगा… वो पूरी तरह सही नहीं हैं।
ध्यान रहे… अभी यह कानून नहीं बना है। यह सिर्फ एक ड्राफ्ट बिल है। सरकार ने लोगों से सुझाव मांगे हैं… और 13 जुलाई 2026 तक कोई भी अपनी राय दे सकता है। उसके बाद ही तय होगा कि अंतिम कानून कैसा होगा और कब लागू किया जाएगा। इस ड्राफ्ट बिल पर आपकी क्या है… क्या हर व्यक्ति के हिसाब से राशन मिलना चाहिए? या फिर… 35 किलो की सीमा भी बढ़ाई जानी चाहिए?



