LPG सिलेंडर वालों के लिए बड़ा झटका! सरकार ने बदल दिए नियम, बंद हो सकती है गैस सप्लाई
अगर आपके घर में LPG सिलेंडर है… तो यह खबर आपके लिए किसी झटके से कम नहीं है! सरकार ने चुपचाप ऐसे नियम बदल दिए हैं, जिनके बाद लाखों लोगों का गैस कनेक्शन बंद हो सकता है… रिफिल रुक सकती है… और कुछ लोगों को अपना LPG सिलेंडर तक सरेंडर करना पड़ सकता है! आखिर क्या है पूरा मामला? क्या आपके घर पर भी इसका असर पड़ेगा? अगले 5 मिनट में पूरी सच्चाई जान लीजिए…
दरअसल, ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत सरकार ने गैस आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए तेल कंपनियों को 30 दिनों का अतिरिक्त LPG स्टॉक रखने का निर्देश दिया है। इसी के साथ घरेलू गैस के गलत इस्तेमाल, जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए नए नियम लागू किए जा रहे हैं।”
“अब अगर आपके घर में PNG यानी पाइपलाइन गैस का कनेक्शन मौजूद है और साथ ही LPG सिलेंडर भी इस्तेमाल हो रहा है, तो मुश्किल बढ़ सकती है। तेल मार्केटिंग कंपनियां ऐसे घरों की पहचान कर रही हैं जहां एक ही पते पर दोनों कनेक्शन चल रहे हैं। सरकार का मानना है कि इससे गैस की कालाबाजारी और दुरुपयोग बढ़ता है। ऐसे में जिन इलाकों में PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां रहने वाले लोगों को LPG कनेक्शन छोड़ना पड़ सकता है। अगर तय समय में ऐसा नहीं किया गया, तो गैस सप्लाई रोकी जा सकती है या कनेक्शन स्वतः रद्द भी हो सकता है।”
“हालांकि सरकार ने लोगों को राहत देने के लिए एक नया विकल्प भी दिया है। अगर किसी उपभोक्ता के घर PNG कनेक्शन लग गया है, तो वह LPG कनेक्शन सरेंडर करते समय ‘ट्रांसफर वाउचर’ ले सकता है। इसका फायदा यह होगा कि भविष्य में यदि वह किसी ऐसे क्षेत्र में शिफ्ट होता है जहां PNG की सुविधा नहीं है, तो उसे नया LPG कनेक्शन लेने की झंझट नहीं होगी और वह पुराने अधिकार के आधार पर दोबारा गैस कनेक्शन प्राप्त कर सकेगा। यह सुविधा खासतौर पर नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, किरायेदारों और बार-बार स्थान बदलने वाले परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।”
“नए नियमों के मुताबिक PNG कनेक्शन लगने के बाद उपभोक्ता को 30 दिनों के भीतर फैसला करना होगा कि वह LPG कनेक्शन छोड़ना चाहता है या ट्रांसफर वाउचर लेना चाहता है। सरकार और गैस कंपनियों ने अपने डिजिटल डेटाबेस को भी आपस में जोड़ दिया है, जिससे अब तुरंत पता चल जाएगा कि किसी घर में PNG चालू है या नहीं। ऐसे में जिन परिवारों के यहां PNG सक्रिय पाई जाएगी, उन्हें घरेलू LPG सिलेंडर बुक करने या रिफिल करवाने से रोका जा सकता है।”
“इतना ही नहीं, सरकार ने LPG रिफिल के नियम भी सख्त कर दिए हैं। पहले शहरी क्षेत्रों में सिलेंडर दोबारा बुक कराने के लिए 21 दिन का अंतराल था, जिसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह सीमा 45 दिन तक पहुंचा दी गई है। सरकार का कहना है कि इससे फर्जी बुकिंग, गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगेगी। लेकिन सवाल यह है कि क्या ये नियम आम उपभोक्ताओं को राहत देंगे या फिर उनके लिए नई परेशानी खड़ी करेंगे? आपकी इस पर क्या राय है, हमें कमेंट करके जरूर बताइए।
