सरकार ने PAN–Aadhaar लिंकिंग को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। जहां एक ओर अधिकतर लोगों के लिए पैन और आधार को लिंक करना जरूरी है, वहीं कुछ खास लोगों को इससे पूरी तरह छूट दी गई है। आज हम आपको बताएंगे कि किन लोगों को पैन-आधार लिंक कराने की जरूरत नहीं है और इसके पीछे क्या नियम हैं।
सरकारी नियमों के अनुसार, देश के कुछ राज्यों के निवासियों को पैन और आधार लिंकिंग से राहत दी गई है। इनमें असम, जम्मू-कश्मीर और मेघालय शामिल हैं। इन राज्यों में रहने वाले नागरिकों के लिए फिलहाल पैन-आधार लिंक करना अनिवार्य नहीं है। इसके अलावा, जो लोग भारत के स्थायी निवासी नहीं हैं, यानी एनआरआई, और जिनके पास आधार कार्ड नहीं है, उन्हें भी यह लिंकिंग कराने की जरूरत नहीं है।
सरकार ने 80 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को भी इस नियम से छूट दी है। ऐसे बुजुर्गों के लिए पैन-आधार लिंक कराना अनिवार्य नहीं माना जाएगा। साथ ही, वे लोग जो भारतीय नागरिक नहीं हैं या जिन पर आधार बनवाने का कानून लागू नहीं होता, उन्हें भी इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि जो लोग इन छूट वाली श्रेणियों में नहीं आते, उनके लिए पैन और आधार लिंक करना बेहद जरूरी है। यदि तय समय सीमा तक लिंक नहीं कराया गया, तो पैन कार्ड इनऑपरेटिव, यानी निष्क्रिय हो सकता है। इसका असर बैंकिंग, टैक्स रिटर्न फाइल करने और अन्य वित्तीय लेन-देन पर पड़ सकता है।
इसलिए अगर आप छूट की सूची में शामिल नहीं हैं, तो समय रहते अपने पैन को आधार से लिंक करा लें। नियमों की अनदेखी भविष्य में बड़ी परेशानी बन सकती है।



