देश के उप-राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आ चुके हैं, और जीत का सेहरा पहना है NDA के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने, जिन्हें 452 वोट मिले। लेकिन, इस शानदार जीत से भी ज़्यादा चर्चा में है एक रहस्य। इंडिया ब्लॉक के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी को सिर्फ 300 वोट मिले, जबकि उनके पास 315 सांसदों का समर्थन होने का दावा किया गया था। अब सवाल यह है कि आखिर वो 15 वोट कहां गए?
क्या ये 15 वोट क्रॉस-वोटिंग का नतीजा हैं? या फिर ये वो 15 वोट हैं जिन्हें अमान्य घोषित कर दिया गया? कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने संकेत दिया है कि दक्षिण भारत से उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला। वहीं, बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस और रवि किशन इसे विपक्ष का अपने वोट न बचा पाने की विफलता मान रहे हैं।
बीजेपी सांसद भागवत कराड का दावा है कि 14 सांसदों ने क्रॉस-वोटिंग की और 14 वोट रद्द हुए, जो सभी विपक्षी दलों के थे। क्या यह सच है? या फिर कुछ और ही कहानी है? 15 वोटों का यह रहस्य क्या सिर्फ एक गलती थी, या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक चाल थी? इस सवाल का जवाब अभी तक नहीं मिला है, लेकिन ये 15 वोट भारतीय राजनीति में एक बड़ा रहस्य बनकर रह गए हैं।



