हिमालय की गोद में बसा शांत नेपाल आज राजनीतिक हिंसा की आग में झुलस रहा है | सड़कें प्रदर्शनकारियों के गुस्से से भरी हैं, और संसद से लेकर प्रधानमंत्री आवास तक आग की लपटें दिखाई दे रही हैं | सवाल यह है कि आखिर इस हिंसा का मास्टरमाइंड कौन है और इसका असली मकसद क्या है?
हिंसा का सबसे क्रूर चेहरा तब सामने आया जब पूर्व प्रधानमंत्री झालानाथ खनाल की पत्नी राजलक्ष्मी चित्रकार को जिंदा जला दिया गया | इस दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है | वहीं, पूर्व पीएम शेर बहादुर देउबा को उनके घर में घुसकर पीटा गया और वित्त मंत्री विष्णु पौडेल को सड़कों पर दौड़ाकर मारा गया | इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो हिंसा की भयावहता को दिखा रहे हैं |
हालात इतने बेकाबू हो गए कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा और सेना ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया | अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 400 से ज्यादा लोग घायल हैं | क्या नेपाल में यह सिर्फ सत्ता के खिलाफ गुस्सा है या इसके पीछे कोई गहरा षड्यंत्र है? क्या यह किसी बड़े खेल की शुरुआत है? इस रहस्य से पर्दा कब उठेगा, यह जानने के लिए हमें इंतजार करना होगा |



