E-श्रम कार्ड धारकों के लिए बड़ी राहत, 60 साल बाद हर महीने ₹3000 पेंशन का मौका. भारत सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और कामगारों के लिए एक बड़ी सौगात दी है। ई-श्रम कार्ड से जुड़े श्रमिकों को अब बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देने के लिए हर महीने ₹3000 पेंशन पाने का अवसर मिल रहा है। यह लाभ प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत दिया जा रहा है, जिससे करोड़ों मजदूरों को भविष्य की चिंता से राहत मिल सकती है।
ई-श्रम कार्ड श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा जारी एक डिजिटल पहचान पत्र है, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करना है। इसमें निर्माण मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार, रिक्शा चालक और गिग वर्कर्स शामिल हैं। यह कार्ड कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आधार बनता है, जिनमें मानधन पेंशन योजना सबसे अहम है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर पात्र लाभार्थी को हर महीने ₹3000 की पेंशन सीधे बैंक खाते में मिलती है। इस योजना से बुढ़ापे में नियमित आय सुनिश्चित होती है और जीवन स्तर बेहतर बनाने में मदद मिलती है। अगर लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो पेंशन का लाभ उसके पति या पत्नी को दिया जाता है।
इस योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और मासिक आय ₹15,000 से कम होनी चाहिए। आवेदक EPFO, ESIC या आयकर दाता नहीं होना चाहिए। आवेदन ऑनलाइन mandhan.in वेबसाइट या नजदीकी CSC केंद्र के माध्यम से किया जा सकता है।
मानधन योजना के अलावा ई-श्रम कार्ड धारकों को दुर्घटना बीमा, आयुष्मान भारत के तहत स्वास्थ्य बीमा और कुछ राज्यों में आर्थिक सहायता जैसे लाभ भी मिलते हैं। सरकार ने साफ किया है कि ई-श्रम कार्ड बनवाना पूरी तरह मुफ्त है और किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने की सलाह दी गई है।



