bina garanti la loan bana banko ke liye sardard 25 se kam umra wale sabse aage

बिना गारंटी का लोन बना बैंकों के लिए सिरदर्द, 25 से कम उम्र वाले सबसे आगे

बैंकों द्वारा दिए जा रहे लोन में सबसे ज्यादा जोखिम वाला सेगमेंट अब अनसिक्योर्ड लोन बन चुका है। बिना किसी गारंटी के दिए जाने वाले पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड लोन तेजी से डिफॉल्ट की ओर बढ़ रहे हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की हालिया फाइनेंशियल स्टेबिलिटी रिपोर्ट ने इस ट्रेंड को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है, जिसने बैंकिंग सिस्टम की चिंता बढ़ा दी है।

RBI के मुताबिक शेड्यूल्ड कमर्शियल बैंकों में रिटेल लोन से जुड़े कुल डिफॉल्ट का 53.1 प्रतिशत हिस्सा अनसिक्योर्ड लोन से आता है। प्राइवेट बैंकों में यह आंकड़ा और भी ज्यादा चौंकाने वाला है, जहां कुल डिफॉल्ट का करीब 76 प्रतिशत हिस्सा बिना गिरवी दिए गए लोन से जुड़ा हुआ है। इसके मुकाबले पब्लिक सेक्टर बैंकों में यह हिस्सा केवल 15.9 प्रतिशत है।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 25 साल से कम उम्र के युवा सबसे ज्यादा डिफॉल्टर बन रहे हैं। खासकर 10 हजार रुपये या उससे कम के छोटे लोन में डिफॉल्ट के मामले तेजी से बढ़े हैं। टियर-2 शहरों और ग्रामीण इलाकों में री-पेमेंट का दबाव ज्यादा देखा जा रहा है, जहां अनियमित आय और गिग वर्क का चलन आम है।

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल पिछले तीन सालों में तेजी से बढ़ा है। दिसंबर 2025 तक क्रेडिट कार्ड का कुल बकाया 2.92 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि एनपीए 6,700 करोड़ रुपये के पार चला गया है। ऊंची ब्याज दरें, जॉब लॉस और कई संस्थानों से एक साथ लोन लेने की प्रवृत्ति इस संकट को और गहरा कर रही है।

बैंक अनसिक्योर्ड लोन इसलिए तेजी से बांट रहे हैं क्योंकि इनमें 12 से 42 प्रतिशत तक ब्याज मिलता है, जिससे उन्हें ज्यादा मुनाफा होता है। हालांकि RBI ने बैंकों और फिनटेक कंपनियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि आसान लोन का यह चलन आने वाले समय में बड़ा खतरा बन सकता है।

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