आयुष्मान भारत योजना से जुड़े करोड़ों कार्ड धारकों के लिए एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना के नियमों में अचानक सख्ती कर दी है, जिससे कई लोगों को झटका लग सकता है। यदि आपके पास आयुष्मान कार्ड है या आप नया कार्ड बनवाने की योजना बना रहे हैं, तो यह बदलाव जानना बेहद जरूरी हो गया है।
नए नियमों के तहत अब बिना आधार ई-केवाईसी के आयुष्मान कार्ड बनवाना संभव नहीं होगा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) ने इसके लिए नया डिजिटल सिस्टम BIS-2.0 लागू किया है। इस सिस्टम के लागू होते ही आधार वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है, ताकि फर्जी लाभार्थियों को योजना से बाहर किया जा सके।
सरकार ने कार्ड में नए सदस्यों को जोड़ने पर भी कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। अब केवल उन्हीं परिवारों में नए सदस्य जोड़े जा सकेंगे, जो SECC-2011 के डाटाबेस में पहले से दर्ज हैं। आम नागरिक अब अपनी मर्जी से परिवार के नए सदस्य का नाम आयुष्मान कार्ड में नहीं जुड़वा सकेंगे।
फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह तकनीक संदिग्ध आयुष्मान कार्डों की पहचान खुद कर लेती है और ऐसे कार्डों पर मिलने वाला मुफ्त इलाज तुरंत रोक दिया जाता है। जांच के बाद सही पाए जाने पर ही कार्ड दोबारा सक्रिय होता है।
आंकड़ों के मुताबिक, 2018 से अब तक करीब 61 हजार से ज्यादा कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें से हजारों का भौतिक सत्यापन जारी है। प्रशासन ने सभी जिलों को सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं और लापरवाही पर कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है।



