वोटर लिस्ट के बाद अब राशन कार्ड की बारी — बिहार में 54 लाख से ज्यादा नाम हो सकते हैं काटे जाने के कगार पर! क्या आपका नाम भी लिस्ट में है? जानिए पूरा कांड! बिहार सरकार ने राशन कार्ड सिस्टम की खूंखार वेरिफिकेशन तलवार चला दी है! आधार से लिंकिंग के बाद जिस तरह बड़ी गड़बड़ियाँ उभरकर आई हैं, उसके बाद पहले चरण में ही 54.20 लाख से भी ज़्यादा नाम हटाने की तयारी तेज़ी से जारी है — जी हाँ, 54 लाख!
मुजफ़्फ़रपुर में 2.34 लाख, पूर्वी चंपारण में 1.5 लाख, और सीतामढ़ी में तक़रीबन 99,000 नामों पर शक की लकीर खिंची जा चुकी है। पटना में भी 10.33 लाख सक्रिय राशन कार्डों में से लगभग 65,000–70,000 नाम हटने के आसार हैं!
सरकार ने विभागों के रिकॉर्ड जैसे राजस्व, भूमि सुधार, परिवहन और आयकर डेटा को क्रॉस-चेक किया और पाया कि कई ऐसे लोग भी राशन ले रहे हैं, जो पात्र नहीं हैं — चाहे वो चार पहिया वाहन मालिक हों, 2.5 एकड़ से ज़्यादा जमीन वाले हों, आयकरदाता हों, या मृत्यु हो चुकी हो!
जो लोग गलत दस्तावेज़ जमा करेंगे — उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। 90 दिनों के भीतर जांच पूरी की जाएगी और अगर साबित हुआ कि लाभार्थी अधिकारहीन था, तो उनका नाम राशन कार्ड लिस्ट से हट जाएगा। जी हाँ! पहले बिहार में वोटर लिस्ट के बड़े साफ़-सफाई अभियान में लाखों वोटरों के नाम हटाए जा चुके हैं, जिससे पहले से ही जनता में हड़कंप मचा हुआ है और अब उसी लय में राशन कार्ड की भी सूची पर शिकंजा कसता दिख रहा है।
अगर आप राशन कार्ड धारक हैं, तो अब इसे घर बैठे चेक करना ज़रूरी है! सरकार ने पोर्टल और ऑनलाइन लिस्ट चेकिंग के विकल्प जारी किये हैं ताकि आप जान सकें कि क्या आपका नाम कटेगा या नहीं। 54 लाख नाम पर तलवार लटक रही है — फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, राशन का हक़ ले रहे अपात्रों की उपयोगिता खत्म होने वाली है! कुर्सी हिला देने वाली खबर — अगर आपका नाम कटता है, तो आपके राशन के अधिकार पर सीधा असर पड़ेगा!



