क्या अमेरिका फिर से बना रहा है पाकिस्तान को खतरनाक? जैसे ही ख़बर आई — US Defence Security Cooperation Agency (DSCA) ने पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमानों के लिए 686 मिलियन डॉलर का टेक-अपग्रेड पैकेज मंजूर किया। मतलब — वो Link-16 डेटा-लिंक, क्रिप्टो-सिस्टम, एवियोनिक्स सुधार और लॉजिस्टिक सपोर्ट, जिससे F-16 अब और भी खतरनाक और “टेक्नोलॉजी-टाइट” हो जाएंगे।
लेकिन रुको — क्या यह सिर्फ सुरक्षा के लिए है या फिर क्षेत्रीय असंतुलन का संकेत? पैकेज में Link-16 जैसी प्रणाली शामिल है — जो विमानों, रडार, सेन्य नेटवर्क को जुड़ा कर देती है, रीयल टाइम जानकारी देती है, और इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग को भी मात देती है। और खबर यह है कि इस सौदे को मंज़ूरी देने से पहले, रक्षा-संबंधित पत्र अमेरिका में कांग्रेस भेजा गया — समीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
अमेरिका की “दोहरी नीति” फिर से उभर कर सामने आई है। एक ओर वो भारत के साथ साझेदारी दिखाता है, दूसरी ओर, इस अपग्रेड से पाकिस्तान को वो ताकत मिल रही है, जिससे दक्षिण एशिया की हवा में खौफ फिर लौट सकता है। तो सवाल यही बनता है — क्या यह सिर्फ टेक्नोलॉजी अपग्रेड है, या फिर किसी बड़े लड़ाकू जाल की शुरुआत?



