भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला अरावली की, जो आज फिर चर्चा में है — अपनी बेशकीमती खनिज संपदा को लेकर। अरावली पर्वतमाला करीब 700 किलोमीटर तक फैली हुई है और यह गुजरात से लेकर राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली तक जाती है। भूवैज्ञानिकों के अनुसार, यह दुनिया की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक मानी जाती है। लेकिन इसकी पहचान सिर्फ उम्र से नहीं, बल्कि इसके नीचे छिपे अरबों की कीमत वाले खनिज भंडार से है।
अरावली क्षेत्र में तांबा, जस्ता, सीसा, चांदी जैसे बेस मेटल्स के साथ-साथ चूना पत्थर, ग्रेनाइट, बलुआ पत्थर, जिप्सम और अभ्रक जैसे औद्योगिक खनिज भी बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं। खास बात यह है कि यहीं से निकलता है दुनिया-भर में मशहूर मकराना मार्बल, जिससे ताजमहल जैसे ऐतिहासिक स्मारक बने हैं।
अब सवाल उठता है — अरावली में सबसे ज़्यादा खानें किस राज्य में हैं? तो आपको बता दें, इस मामले में राजस्थान देश में सबसे आगे है। अरावली की सबसे बड़ी खनिज बेल्ट राजस्थान में स्थित है। जावर, खेतड़ी, उदयपुर और नागौर जैसे इलाके तांबा, जस्ता और संगमरमर की प्रमुख खानों के लिए जाने जाते हैं।
इन खनिजों का उपयोग निर्माण उद्योग, ऊर्जा क्षेत्र, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में किया जाता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा मिलता है। हालांकि, विशेषज्ञ लगातार यह चेतावनी भी दे रहे हैं कि अवैध खनन और पर्यावरणीय नुकसान अरावली के अस्तित्व पर खतरा बनते जा रहे हैं।
सरकार और पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि अगर संतुलित और सतत खनन नीति अपनाई जाए, तो अरावली आने वाले दशकों तक भारत की आर्थिक रीढ़ बनी रह सकती है। अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं, बल्कि भारत की प्राकृतिक संपदा का अमूल्य खजाना है।



