ऑपरेशन सिंदूर को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है, जिसने भारत, पाकिस्तान और चीन के रिश्तों पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिका की एक ताज़ा खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस ऑपरेशन के दौरान चीन ने पाकिस्तान की गुप्त रूप से मदद की। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने पाकिस्तान को तकनीकी सहायता, सैटेलाइट इंटेलिजेंस और रणनीतिक जानकारी उपलब्ध कराई, जिससे पाकिस्तान भारत की सैन्य गतिविधियों पर नज़र रख सका।
अमेरिकी रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने अपने एडवांस सैटेलाइट सिस्टम और सर्विलांस नेटवर्क का इस्तेमाल कर भारत की सीमा पर हो रही हलचल, एयरबेस गतिविधियों और सैन्य मूवमेंट की जानकारी पाकिस्तान को दी। इससे पाकिस्तान को रणनीतिक तौर पर सतर्क रहने और संभावित कदमों की तैयारी करने में मदद मिली। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह सहयोग केवल खुफिया जानकारी तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें कम्युनिकेशन सपोर्ट और डिफेंस टेक्नोलॉजी से जुड़ी सहायता भी शामिल थी।
इस खुलासे के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की यह भूमिका दिखाती है कि वह अब केवल एक आर्थिक साझेदार नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सैन्य समीकरणों में भी सक्रिय खिलाड़ी बन चुका है। भारत के लिए यह संकेत है कि भविष्य की रणनीति बनाते समय उसे पाकिस्तान के साथ-साथ चीन की भूमिका को भी गंभीरता से ध्यान में रखना होगा।
इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या चीन-पाकिस्तान की यह साझेदारी आने वाले समय में एशिया की सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। ऑपरेशन सिंदूर अब सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और शक्ति संतुलन से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन गया है। आने वाले दिनों में इस रिपोर्ट पर भारत और दुनिया की प्रतिक्रिया बेहद अहम मानी जा रही है।



