सावधान! बड़ा Cyber Alert इन 14 ऐप्स को तुरंत हटाएं | दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसकी जड़ें चीन तक जुड़ी पाई गई हैं। इस गिरोह ने दिल्ली के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को निशाना बनाकर करीब 47 लाख रुपये की ठगी की। अब तक इस मामले में 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिनके तार देशभर में दर्ज 1167 साइबर शिकायतों से जुड़े मिले हैं।
जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड चीन में बैठा टॉम नाम का व्यक्ति है, जो टेलीग्राम के जरिए भारत में मौजूद अपने गुर्गों को निर्देश देता था। बिहार के बेगूसराय का रहने वाला आशीष कुमार उर्फ जैक उसका मुख्य एजेंट था। हर अवैध ट्रांजैक्शन पर आरोपियों को 1 से 1.5% कमीशन दिया जाता था। लोगों का भरोसा जीतने के लिए नोएडा में एक फर्जी ऑफिस भी खोला गया, ताकि खुद को वैध निवेश कंपनी दिखाया जा सके।
दिल्ली के CA को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर BTST स्कीम और हाई रेटेड IPO में रोजाना मुनाफे का लालच दिया गया। उन्हें stock.durocaspitall.com नाम की एक फर्जी वेबसाइट पर निवेश के लिए उकसाया गया। मुनाफे के झांसे में आकर पीड़ित ने दो महीनों में ₹47,23,015 निवेश कर दिए। जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई और और भी पैसे ऐंठ लिए गए।
ठगी की रकम को घुमाने के लिए आरोपियों ने 7 बड़े बैंकों में शेल कंपनियों के नाम पर खाते खुलवाए। दिल्ली पुलिस की पूछताछ में 14 फर्जी ट्रेडिंग ऐप्स सामने आए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी के लिए किया जा रहा था। अगर आपके फोन में ये ऐप्स हैं, तो तुरंत डिलीट करें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे लालच भरे निवेश ऑफर्स से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध ऐप या लिंक से दूरी बनाए रखें।



