लोकसभा में आज गड़गड़ाहट सिर्फ माइक की नहीं… लोकतंत्र की बुनियाद पर उठे सवालों की थी!
लोकसभा में आज ऐसा माहौल देखने को मिला जिसे देखकर पूरा देश दंग रह गया! 28 मिनट की अपनी आग उगलती स्पीच में राहुल गांधी ने बीजेपी और चुनाव आयोग पर ऐसे सवाल दागे कि सदन में पाँच बार हंगामा हो गया! दावा- “बीजेपी चुनाव आयोग को कंट्रोल कर रही है… और लोकतंत्र को भारी नुकसान हो रहा है!” क्या सचमुच देश की सबसे बड़ी संस्था राजनीतिक दबाव में है? यही बड़ा सवाल आज पूरे राष्ट्र में घूम रहा है!
राहुल गांधी ने तीन बड़ी माँगें रखीं— पहली: सभी दलों को मशीन रीडेबल वोटर लिस्ट एक महीने पहले दी जाए! दूसरी: CCTV फुटेज डिलीट करने का नियम बदला जाए! तीसरी: चुनाव खत्म होने के बाद ईवीएम को जांचने दिया जाए! और बोले— “वोट चोरी से बड़ा कोई एंटी-नेशनल काम नहीं!” इतना कहते ही सत्ता पक्ष के सांसद भड़क उठे… सदन गूंज उठा!
अखिलेश यादव ने कहा— सरकार और चुनाव आयोग SIR के बहाने NRC जैसा खेल खेल रहे हैं! TMC के कल्याण बनर्जी गरजे— SIR वोट डिलीट करने का हथियार बन गया है! कांग्रेस के मनीष तिवारी बोले— 12 राज्यों में SIR पूरी तरह अवैध है! सदन में हर तरफ एक ही मुद्दा— क्या वोटर लिस्ट और EVM पर खतरा मंडरा रहा है?
लेकिन बीजेपी के निशिकांत दुबे पलटवार में और भी जोश में दिखे! बोले— मुस्लिम आबादी 40% बढ़ी! 15% बांग्लादेशी! और इसी वोट से कांग्रेस-TMC चुनाव जीतती है! दुबे ने इतिहास के पन्ने भी पलट दिए— “EVM कांग्रेस लेकर आई… SIR कांग्रेस ने बनाया… और अब वही विरोध कर रही है!” उनका कहना— कांग्रेस लड़खड़ा रही है, इसलिए बेतुके आरोप लगा रही है!
राहुल ने आखिरी में फिर प्रहार किया— CJI को नियुक्ति प्रक्रिया से क्यों हटाया? चुनाव आयुक्त को दंड से मुक्त क्यों किया? CCTV डेटा 45 दिन में क्यों डिलीट होगा? यह देश के वोट की लड़ाई है… लोकतंत्र की लड़ाई है! सवाल सिर्फ संस्थाओं का नहीं… सवाल 1.4 बिलियन लोगों के वोट का है! और जब वोट हिलेगा, तो देश भी हिल जाएगा!



