8 august ko rakhi bandhi to hoga maha anarth

8 अगस्त को राखी बांधी तो होगा महा-अनर्थ! 99% लोग कर रहे हैं ये गलती, जानें 2025 का असली मुहूर्त!

क्या आप भी इसी उलझन में हैं कि इस साल 2025 में रक्षाबंधन का त्योहार 8 अगस्त को मनाएं या 9 अगस्त को? भद्रा का साया कब तक है? और राखी बांधने का वो सबसे पवित्र और शुभ मुहूर्त कौन सा है? अगर हाँ, तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। आज हम आपकी हर उलझन को दूर करेंगे और आपको देंगे रक्षाबंधन 2025 की सबसे सटीक और संपूर्ण जानकारी। ये जानकारी सीधे पंचांग और ज्योतिष गणना पर आधारित है, ताकि आपके इस पवित्र त्योहार में कोई चूक न हो।

सबसे पहले, सबसे बड़ा सवाल – तारीख क्या है? 8 या 9 अगस्त?

देखिए, कन्फ्यूजन इसलिए है क्योंकि इस साल श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि, यानी जिस दिन रक्षाबंधन मनाया जाता है, वो 8 अगस्त, 2025, शुक्रवार की शाम को शुरू हो रही है। पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि 8 अगस्त की दोपहर 2 बजकर 12 मिनट से शुरू होगी और 9 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 24 तक रहेगी |

अब आप सोचेंगे, पूर्णिमा तो 8 तारीख की शाम को ही शुरू हो गई, तो राखी तभी बांध लें! लेकिन यहीं पर आपको रुकना है। क्योंकि जैसे ही पूर्णिमा शुरू होगी, उसी के साथ भद्रा काल भी लग जाएगा।

हमारे धर्म शास्त्रों में भद्रा काल को किसी भी शुभ कार्य के लिए, खासकर राखी बांधने के लिए, अत्यंत अशुभ माना गया है। कहते हैं कि भद्रा में किया गया शुभ कार्य भी फलित नहीं होता। और इस साल भद्रा, पूर्णिमा के साथ ही लगकर 8 अगस्त की रात लगभग 01 बजकर 52 मिनट तक रहेगी।

तो इसका मतलब साफ है – 8 अगस्त को दिन में या शाम को राखी बांधना शास्त्र सम्मत नहीं है।

तो फिर सही समय क्या है?

अब ध्यान से सुनिए। आपके पास राखी बांधने के लिए दो बहुत ही शुभ मुहूर्त हैं।

पहला मुहूर्त है – 8 अगस्त की देर रात का।
जब भद्रा रात 01:52AM पर समाप्त हो जाएगी, उसके बाद से लेकर सूर्योदय से पहले तक का समय राखी बांधने के लिए शुभ है। हालाँकि, ज़्यादातर परिवारों के लिए इतनी रात को यह संभव नहीं हो पाता।

इसलिए, सबसे उत्तम और सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त है – 9 अगस्त, 2025, शनिवार की सुबह का।

जी हाँ! क्योंकि पूर्णिमा तिथि 9 अगस्त की दोपहर 01 बजकर 24 मिनट तक है, ऐसे में आप पूरे दिन राखी बांध सकते हैं। लेकिन सूर्योदय से लेकर दिन के 12 बजे तक का समय राखी बांधने के लिए सबसे ज़्यादा शुभ और फलदायी रहेगा। इस दौरान कोई भद्रा नहीं, कोई अशुभ योग नहीं, सिर्फ भाई-बहन के पवित्र प्रेम का उत्सव होगा।

तो अब अपनी डायरी में नोट कर लीजिए – रक्षाबंधन का त्योहार 9 अगस्त, शनिवार को मनाना ही सबसे श्रेष्ठ है।

तो इस 9 अगस्त को, जब आप अपने भाई की कलाई पर राखी बांधें, तो सिर्फ धागा नहीं, अपना सारा प्यार, विश्वास और दुआएं बांध देना। और भाई भी सिर्फ तोहफा नहीं, अपनी बहन को सम्मान, सुरक्षा और साथ निभाने का अटूट वचन देना।

उम्मीद है, रक्षाबंधन 2025 को लेकर आपकी सारी उलझनें दूर हो गई होंगी। इस बेहद ज़रूरी जानकारी को अपने परिवार, अपने दोस्तों और हर भाई-बहन के साथ शेयर ज़रूर करें, ताकि हर कोई सही समय और सही विधि से यह पवित्र त्योहार मना सके।

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आप सभी को हमारी तरफ से रक्षाबंधन की अग्रिम हार्दिक शुभकामनाएँ!

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