नमस्कार! दोस्तों अब UPI पेमेंट करना और भी आसान होने वाला है। जी हां, आपने सही सुना है,जल्द ही आपको यूपीआई ट्रांजैक्शन के लिए न तो PIN डालना पड़ेगा, न ही बार-बार मोबाइल अनलॉक करना होगा। डिजिटल इंडिया की रफ्तार अब एक और बड़ी छलांग लगाने वाली है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यानी NPCI अब UPI पेमेंट को और अधिक सुरक्षित और सहज बनाने के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सिस्टम लाने की तैयारी में है। इसका मतलब यह है कि आप जल्द ही अपने फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन से भी UPI पेमेंट कर पाएंगे।
अभी तक जब भी आप किसी को UPI से पैसे भेजते हैं या QR कोड स्कैन करते हैं, तो आपको 4 या 6 अंकों का PIN डालना होता है। लेकिन यह नया सिस्टम फेस या फिंगरप्रिंट से आपके लेनदेन को तुरंत वेरीफाई कर देगा।
NPCI इस फीचर को आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) के जरिए लागू कर सकता है। इसमें आपके बैंक अकाउंट को आधार से लिंक किया जाता है, और बायोमेट्रिक डेटा से वेरीफिकेशन होता है। कई बैंकों और फिनटेक कंपनियों के साथ ट्रायल शुरू भी हो चुका है। यह तकनीक खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जिन्हें PIN याद रखने में दिक्कत होती है या जो ज्यादा टेक-सेवी नहीं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां स्मार्टफोन की पहुंच सीमित है, वहां भी यह सुविधा गेम चेंजर बन सकती है।
फिंगरप्रिंट और फेस ऑथेंटिकेशन से सेफ्टी बढ़ेगी। कोई भी आपके बिना मर्जी के ट्रांजैक्शन नहीं कर सकेगा। और अगर आपका फोन खो भी जाए तो भी सिर्फ बायोमेट्रिक से ही ट्रांजैक्शन होगा, जिससे फ्रॉड के चांस बहुत कम हो जाएंगे। हालांकि, NPCI ने अभी इसकी लॉन्च डेट का ऐलान नहीं किया है, लेकिन उम्मीद है कि आने वाले कुछ महीनों में यह सुविधा चुनिंदा बैंकों और एप्स में टेस्टिंग के बाद आम जनता के लिए रोल आउट हो जाएगी।
तो तैयार हो जाइए डिजिटल इंडिया के इस नए कदम के लिए जहां सिर्फ फिंगरप्रिंट से आपका सारा पेमेंट हो जाएगा।